कोर्ट केस के अखबार – ८, ९ और १२ जनवरी, २०१८

अल दाई अल अजल सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. की ज़बानी बोम्बे हाई कोर्ट में ८ वी जनवरी २०१८ के रोज़ दोपहर १२ बजे ऐतिहासिक कोर्ट रूम नं ४६ में शुरू हुइ। सैयदना फखरुद्दीन ने दावत के केस नं ३३७/२०१४ में वादी की हैसियत से गवाही दी। नामदार जस्टिस गौतम पटेल के कोर्ट में कार्यवाही हुइ।

शेह्ज़ादा मुफद्द्ल सैफुद्दीन (प्रतिवादी) के वकील सीनियर काउन्सिल मोहतरम इक़बाल चागलाने सैयदना फखरुद्दीन से कई सवाल पूछे।

इक़बाल चागला ने सैयदना को दाउदी बोहरा के इतिहास की एक किताब मुन्तज़ा उल अखबार में लिखे गए वृत्तान्त सही है या गलत इस के बारे में पूछा। सैयदना ने जवाब दिया कि ज्यादातर यह सही है मगर कई जगह गलतियाँ भी पाई गयी है जिन में से कुछ के बारे में टिप्पणीयां जामेआ सैफ़ियाह द्वारा प्रकशित इस किताब के संस्करण के आखर में हाशिये में प्रकाशित भी हुइ है ।

इक़बाल चागला ने सैयदना से पूछा कि क्या वजह थी जो आप ने शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन पर नस्स के ऐलान को नहीं माना । सैयदना ने जवाब फरमाया कि आपने खुद शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन को अपने वालिद सैयदना कुत्बुद्दीन के सामने सजदा बजाते हुए कई वर्षो तक देखा है। यह अमल करके शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन खुद ने यह स्वीकार किया था कि सैयदना कुत्बुद्दीन को सैयदना बुरहानुद्दीन ने अपना मनसूस काइम फरमाया है और सैयदना कुत्बुद्दीन बावन वें दाई के वारिस है ।

सवालो के जवाब के दौरान सैयदना ने उन दो घटनाओ का भी ज़िक्र किया कि पिछले वर्षों में, सैयदना कुत्बुद्दीन के साथ, जिस तरह शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन अनुचित वर्ताव करते थे, तो बावन वें दाई सैयदना बुरहानुद्दीन ने शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन के प्रति किस तरह अपनी  नाराज़गी जताई।

पहली घटना : सैयदना बुरहानुद्दीन की १०० वी सालगिरह के अवसर पर, वाअज़ के बाद, जब शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन ने दावत की रस्मो के ख़िलाफ़, सैयदना बुरहानुद्दीन को मोआनका करने, (गले मिलकर बधाई देने की रसम) सैयदना कुत्बुद्दीन से पहले ही आगे बढ़ गए तो उसी वक्त सैयदना बुरहानुद्दीन ने शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन को मोआनका करने से रोक दिया और सैयदना कुत्बुद्दीन को सब से पहले याद फरमा कर आगे बुलाया और आप से, सब से पहले, मोआनका कर के बधाई स्वीकार की।

दूसरा अवसर : सैयदना बुरहानुद्दीन रि.अ. ने खुद सैयदना फखरुद्दीन को, तब आप के साथ आप की बहन भी मौजूद थी, दोनों को रूबरू फ़रमाया की आप ने अपने फ़रज़न्दो को फरमाया है कि सैयदना कुत्बुद्दीन के बारे में गलत बातें करना बंध करें और जिस तरह पहले एहतेराम करते आये है वैसे ही एहतेराम से सैयदना कुत्बुद्दीन से पेश आये।

इन दोनो जिक्रो को सैयदना ने तब कोर्ट में फरमाया जब इक़बाल चागला ने सैयदना से पूछा कि शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन (प्रतिवादी) जिस तरह सैयदना कुत्बुद्दीन के साथ पिछले वर्षों में पेश आते थे, तो क्या उस बात पर कभी सैयदना बुरहानुद्दीन ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की थी?

नामदार जस्टिस गौतम पटेल ने सैयदना के क्रोस एक्जामिनेशन के लिये १३,१४ और १६ वी फेब्रुअरी २०१८ तय की है।